* प्रशासनिक फेरबदल में राजनीतिक विवाद
* अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्यों ने सुशासन तिहार का बहिष्कार कर दी चेतावनी
कोरबा (मंथन) कोरबा जिले के जनपद पंचायत पोंडी-उपरोड़ा में प्रशासनिक फेरबदल के बाद एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कोरबा द्वारा जारी एक अधिकृत आदेश के तहत पोंडी-उपरोड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को अचानक जिला पंचायत कोरबा में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिया गया। वहीं उनके स्थान पर भूपेन्द्र कुमार सोनवानी को आगामी आदेश तक पोंडी उपरोड़ा जनपद पंचायत का संपूर्ण प्रभार सौंपा गया है।
इस अचानक हुए ट्रांसफर आदेश के बाद पोंडी उपरोड़ा जनपद पंचायत के जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश है। जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और समस्त जनपद सदस्यों ने इस प्रशासनिक फैसले पर अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर की है और वर्तमान में चल रहे ‘सुशासन तिहार’ (सुशासन सप्ताह) का पूर्ण रूप से बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया है।
जनपद उपाध्यक्ष और अन्य सदस्यों का कहना है कि वर्तमान सीईओ एक बेहद ईमानदार, मिलनसार और क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को अच्छी तरह समझने वाले अधिकारी हैं। उनके कार्यकाल में जनपद के विकास कार्यों को गति मिल रही थी और भ्रष्टाचार पर पूरी तरह लगाम लगी हुई थी। ‘सुशासन तिहार’ के बीच में ही ऐसे कर्मठ अधिकारी को कोरबा अटैच करना सीधे तौर पर पोंडी उपरोड़ा के विकास कार्यों को बाधित करने जैसा है। जनपद जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि इस आदेश को वापस नहीं लिया गया और पुराने सीईओ की वापसी नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
22 मई / मंथन मित्तल



