* बिल भेजा जा रहा अनाप-शनाप
* बिल पटाने के बाद भी सेवाएं नहीं की जा रही बहाल
* अधिकारियो को फोन उठाने की फुर्सत नहीं
* उपभोक्ता हलाकान, कोई सुनवाई नहीं
कोरबा (मंथन) देश की सबसे बड़ी दूर-संचार कंपनी का जिले में हाल बेहाल हैं। जिले में पदस्थ अकर्मण्य, कामचोर, अधिकारियो को उपभोक्ताओं की परेशानी से कोई मतलब नहीं रह गया हैं। आम उपभोक्ता हलाकान हो रहा हो, पर कही कोई सुनवाई नहीं हैं। उपभोक्ता त्रस्त हैं, परन्तु अधिकारी इनका फोन उठाने की भी जहमत नहीं उठाते।
सबसे दुखद यह हैं की पहले तो अनाप-शनाप बिल भेजे जाते हैं, उपभोक्ता इसकी शिकायत दर्ज कराते हैं, तो इसकी भी कोई सुनवाई नहीं होती, उपभोक्ता थक हार कर इस बिल को पटा भी देते हैं. तो भी सेवाएं बहाल नहीं की जाती। पहले तो किसी भी कर्मचारी/अधिकारी का फोन नहीं उठता, गलती से अगर कोई फोन उठा भी ले तो कोई न कोई बहाना बना काम को टाल दिया जाता हैं। कर्मचारी/अधिकारी को समझना होगा की अगर कभी उपभोक्ता एक हो कोई एक्शन ले लेंगे, तब क्या होगा। उपभोक्ताओं के गुस्से का ज्वालामुखी फूटे इससे पहले कर्मचारी/अधिकारी अगर अपना काम जिम्मेदारी से कर ले तो अच्छा होगा।
01 मई / मंथन मित्तल



