कोरबा (मंथन) दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे ने लोगों की सुविधा के लिए मानिकपुर की तरफ सेंकेंड एंट्री का विकल्प दिया है। गंदगी से लेकर कई तरह की समस्याएं इसे बदहाल कर रही है। ऐसे में लोग परेशान हो रहे हैं।
रेलवे स्टेशन जाने के लिए सीतामणी और नहरपारा होकर प्रमुख रास्ता दिया गया है। रेलवे क्रासिंग की उपस्थिति से अक्सर यहां से आवागमन करने में समस्याएं होती है। कोरबा के ट्रांसपोर्ट नगर, कोसाबाड़ी से लेकर एसईसीएल और बालको नगर के लोगों को राहत देने के इरादे से जून 2015 में तत्कालिन सांसद बंशीलाल महंतो के प्रयासों से रेलवे ने सेंकेंड एंट्री का विकल्प दिया था। लंबे समय से एसईसीएल सेंट्रल वर्कशॉप से लेकर सेकेंड एंट्री तक का रास्ता बदहाल है।
गड्ढों के साथ कोल डस्ट के कारण हर मौसम में परेशानी है। हवा चलने पर कोल डस्ट का गुबार जहां हर किसी को मुश्किल में डालता है वहीं बारिश के समय होने वाला कीचड़ सोचने पर मजबूर करता है कि सेकेंड एंट्री की सुविधा ली जाए या नहीं। सेकेंड एंट्री के भीतर भी धूल-धक्कड़ लोगों के स्वास्थ्य के लिए चुनौती पैदा कर रहा है। डीआरएम से लेकर अन्य अधिकारियों को इसकी खबर है लेकिन वे कुछ करना नहीं चाहते।
05 मई / मंथन मित्तल



