कोरबा (मंथन) कोरबा जिले के मैदानी क्षेत्र, नदी-नाले किनारे और खेतों के मेड़ में कांस के फूल खिल गए हैं। इससे लगता है मानो धरती ने सफेद चादर ओढ़ ली है। कांस की फूलों का खिलना यह संकेत है कि मानसून विदा हो रहा है और गुलाबी ठंड और त्यौहारों का मौसम शुरू होने वाला है। कांस का खिलना प्रकृति में बदलाव का संकेत माना जाता है। उरगा-चांपा, दर्री मार्ग किनारे हर रोज सफेदी की चादर नजर आती है। कांस के फूल भादो लगने के बाद खिलाना शुरू हो जाता है। इसके बाद बारिश की रफ्तार कम हो जाती है।
12 सितंबर / मंथन मित्तल





