* भतीजे विजय को मिली पराजय
* प्रभा रामप्रसाद कंवर के सिर सजा ताज
कोरबा (मंथन) कोरबा जिले में त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव के अंतर्गत करतला विकासखंड के ग्राम पंचायत सलिहाभांठा में सरपंच के रिक्त पद के लिए हुए मतदान में मतदाताओं ने नवाचार बनाम अनुभव की जंग में अनुभव को चुना। रिकार्ड 491 मतों से जीतकर श्रीमती प्रभा राम प्रसाद कंवर दूसरी बार सलिहाभांठा की सरपंच निर्वाचित हुई हैं।
त्रिस्तरीय पंचायत उप चुनाव के अंतर्गत करतला विकासखंड के ग्राम पंचायत सलिहाभांठा में सरपंच के रिक्त पद को लेकर चुनाव संपन्न कराया गया। मैदान में एक तरफ पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर के भांजा बहु प्रभा देवी रामप्रसाद कंवर थीं, जिनके पास सफलतापूर्वक एक पंचवर्षीय कार्यकाल पूरा करने का अनुभव था, तो दूसरी ओर ननकीराम कंवर के ही सगे भतीजे चुनावी मैदान में थे। एक कार्यानुभव के जरिए मतदाताओं का आशीर्वाद मांग रही थीं तो एक नवाचार सर्वागींण विकास के वादों के साथ मतदाताओं से बदलाव के बयार की उम्मीद में चुनावी मैदान में उतरे थे।
1456 मतदाताओं में से 1252 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग कर लोकतंत्र की मजबूती के लिए एक जिम्मेदार मतदाता होने का प्रमाण दिया। शाम 5 बजे मतपत्र की गिनती के बाद मौखिक रूप से चुनावी परिणाम सामने आए, तब प्रभा कंवर की खुशियों का ठिकाना न रहा। मतदाताओं ने भाँचा बहु को अपना मतदान रूपी आशीर्वाद देकर दूसरी बार ग्राम सरपंच की कुर्सी प्रदान कर दी। और बदलाव की आश लगाए बैठे भतीजे विजय कंवर के हिस्से में निराशा और इंतजार आया। हालांकि पहली बार ही चुनावी मैदान में उतरे विजय कंवर को मिले 337 मतों को भी कमतर नहीं आंका जा सकता। अल्पसमयावधि में चुनावी मैदान में उतरे विजय कंवर ने ग्राम की चुनावी फिजा को दिलचस्प बना दिया था। हालांकि नतीजों में विजय को पराजय मिलने के बाद सारी अटकलों पर विराम लग गया।
जीत के बाद नवनिर्वाचित सरपंच प्रभा रामप्रसाद कंवर के समर्थकों समेत समस्त ग्रामवासियों ने आतिशबाजी कर जीत का जश्न मनाया। पंचायत चुनाव में आपसी प्रतिद्वंदिता महज चुनाव तक सीमित रहते हैं ,सौहार्द नहीं बिगड़ता। इसकी बानगी भी चुनाव के बाद दिखी। स्वयं विजय ने प्रभा राम प्रसाद कंवर को जीत की बधाई दी तो प्रभा रामप्रसाद कंवर ने भी आभार जताया, ग्राम के विकास में सहयोग व मार्गदर्शन की अपेक्षा जताई। प्रभा देवी ने समस्त ग्राम वासियों का आभार जताते हुए ग्राम में सौहार्द बनाए रखते हुए ग्राम विकास के कार्यों को सतत रूप से आगे ले जाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
02 जून / मंथन मित्तल



