* चार माह से चना गायब
*सर्वर ठप्प
* जांच समिति गठित कर जांच की मांग
कोरबा (मंथन) सार्वजनिक वितरण प्रणाली में घोर अनियमितताओं का आरोप लगा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, जिला परिषद कोरबा ने कलेक्टर कार्यालय में पार्टी प्रतिनिधियों के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिलाधीश को सौंपा।
पार्टी ने ज्ञापन में आरोप लगाते हुए बताया कि कोरबा जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
# ज्ञापन की मुख्य मांगें
* चना वितरण में बरती जा रही घोर लापरवाही
अगस्त, सितंबर, अक्टूबर एवं नवंबर 2025 लगातार चार माह तक जिले की एक भी राशन दुकान से पात्र हितग्राहियों को चना नहीं मिला। सीपीआई ने इसे “गरीबों के निवाले पर डाका” बताते हुए उच्च स्तरीय जांच, दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों-परिवहनकर्ताओं पर तत्काल एफआईआर और सभी वंचित परिवारों को चार माह का बकाया चना एकमुश्त देने मांग की।
* सर्वर की विफलता से जनता त्रस्त
आरोप लगाते हुए कहा कि ई-पॉस मशीनों का सर्वर लगातार ठप्प रहने से वृद्ध, दिव्यांग, गर्भवती महिलाएं और मजदूर भीषण गर्मी में घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं। पार्टी ने प्रत्येक दुकान पर छायादार प्रतीक्षालय, बेंच, शुद्ध पेयजल एवं प्राथमिक उपचार की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित करने मांग उठाई।
* डिजिटल पारदर्शिता लागू हो
राशन वितरण की तिथि एक सप्ताह पूर्व एसएमएस से सूचित करने तथा राशन लेने के तुरंत बाद हितग्राही के मोबाइल पर मात्रा, दर एवं शेष हकदारी का पूर्ण विवरण भेजने की व्यवस्था अनिवार्य की जाए, ताकि फर्जी आहरण पर रोक लगे।
* दुकानें समय पर खुलें
सभी राशन दुकानों को पर्याप्त भंडार के साथ प्रतिदिन निर्धारित समय पर खोलना सुनिश्चित किया जाए। बिना सूचना दुकान बंद रखने वाले विक्रेताओं का लाइसेंस तत्काल निरस्त हो।
इस अवसर पर जिला सचिव पवन कुमार वर्मा ने कहा कि अगर 15 दिन में जांच समिति गठित कर कार्यवाही नहीं हुई तो सीपीआई आंदोलन करेगी। ज्ञापन सौंपते समय जिला सचिव कामरेड पवन कुमार वर्मा, वरिष्ठ कामरेड एन.के. दास, कामरेड श्याम बिहारी बनाफर, कामरेड रामू केवट आदि शामिल रहे।
23 मई / मंथन मित्तल



