कोरबा (मंथन) सार्वजनिक क्षेत्र के वृहद उपक्रम कोल् इंडिया की अनुसांगिक कंपनी एसईसीएल बिलासपुर के अधीन कोरबा-पश्चिम क्षेत्र में स्थापित एवं संचालित खुले मुहाने की गेवरा कोयला परियोजना अंतर्गत कोयला खदान विस्तार हेतु अधिग्रहित ग्राम जरहाजेल के भू-विस्थापित और ग्रामीणों को एसईसीएल प्रबंधन द्वारा रोजगार उपलब्ध नहीं कराए जाने का आरोप लगा इनमें गहरा आक्रोश है।
आक्रोशित ग्रामीणों ने अपना विरोध जताते हुए कुसमुंडा क्षेत्र में प्रस्तावित बसाहट स्थल पर कराए जा रहे लेबलिंग कार्य को धरना प्रदर्शन के बाद रूकवा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक एसईसीएल प्रबंधन द्वारा उन्हें जमीन अधिग्रहण के बदले रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता तब तक प्रस्तावित बसाहट स्थल पर कार्य को नहीं होने देंगे।
भूविस्थापितों का आरोप है कि एसईसीएल प्रबंधन द्वारा उनकी जमीन को ले लिया गया है लेकिन जब रोजगार देने की बारी आई है तो उन्हें लगातार चक्कर लगवाया जा रहा है। रोजगार के अलावा मुआवजा व बसाहट देने में भी आनाकानी की जा रही है। इससे पहले भूविस्थापितों ने एसईसीएल प्रबंधन को पत्र लिखकर लंबित रोजगार के मामले को उठाया था और शीघ्र ही निर्णय लेने की मांग की थी।
22 मई / मंथन मित्तल



