* विद्यार्थियों को मिली बड़ी राहत
कोरबा (मंथन) देश में डिजिटल क्रांति के साथ शिक्षा व्यवस्था भी तेजी से बदल रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत जहां नियमित और निजी छात्रों के लिए महाविद्यालय में उपस्थिति व प्रायोगिक कार्य अनिवार्य किए गए हैं, वहीं दूरस्थ शिक्षा में भी सीमित अवधि की कक्षाएं और परीक्षा केंद्र पर उपस्थिति जरूरी रहती थी। अब इसके बीच एक नया विकल्प सामने आया है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने पं. सुंदरलाल शर्मा ओपन यूनिवर्सिटी को 10 स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई की मान्यता दे दी है। इसके तहत छात्र अब बिना यूनिवर्सिटी या महाविद्यालय गए बीए, बीलिब, एमए और एमबीए जैसे कोर्स कर सकेंगे। ऑनलाइन पाठ्यक्रम में छात्रों को डिजिटल स्टडी मैटेरियल, रिकॉर्ड लेक्चर और समय-समय पर शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। सवालों के समाधान भी ऑनलाइन ही होंगे। यूनिवर्सिटी में लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम लागू कर दिया गया है, जिसके जरिए सिलेबस आधारित लेक्चर तैयार किए जा रहे हैं। यह व्यवस्था खासतौर पर उन छात्रों के लिए फायदेमंद होगी जो नौकरी या अन्य कारणों से नियमित पढ़ाई नहीं कर पाते। अब वे अपनी सुविधा के अनुसार पढ़ाई कर सकेंगे और उन्हें स्टडी सेंटर या विश्वविद्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
30 अप्रैल / मंथन मित्तल



