* कुसमुंडा मेगा परियोजना की कार्ययोजना का लिया जायजा
कोरबा (मंथन) कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के चेयरमैन बी. साईंराम अपने तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर छत्तीसगढ़ स्थित एसईसीएल (एसईसीएल) पहुँचे। दौरे के प्रथम चरण में उन्होंने एशिया की महत्वपूर्ण कोयला परियोजनाओं में शुमार कुसमुंडा मेगा परियोजना का सघन निरीक्षण किया और भविष्य के उत्पादन लक्ष्यों को लेकर प्रबंधन के साथ रोडमैप तैयार किया।
* खदान का अवलोकन और उत्पादन रणनीति
रायपुर एयरपोर्ट से सीधे गेवरा पहुँचने के बाद, चेयरमैन बी. साईंराम ने कुसमुंडा खदान के नीलकंठ साकार व्यू पॉइंट से माइनिंग ऑपरेशंस का जायजा लिया। इस दौरान एसईसीएल के सीएमडी हरीश दुहन ने उन्हें चालू वित्त वर्ष के उत्पादन लक्ष्यों और माइन प्लान की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया।
कोल इंडिया चेयरमैन ने स्पष्ट किया कि ऊर्जा सुरक्षा के लिए उत्पादन लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करना अनिवार्य है। उन्होंने भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए ‘मूल्यांकन रणनीति’ को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
* तकनीकी निरीक्षण और प्रेषण प्रक्रिया
दौरे के अगले चरण में चेयरमैन ने एनआईएमएल पैच का दौरा किया, जहाँ उन्होंने चल रही खनन गतिविधियों का सूक्ष्म निरीक्षण किया। कोयला निकासी को सुगम बनाने के लिए कई बिंदुओं की समीक्षा की। जिसके अंतर्गत फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी परियोजनाओं की प्रगति, कोयले के त्वरित उठाव के लिए साइलो की परिचालन क्षमता, भविष्य में कोयला परिवहन को पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल और मशीनीकृत बनाने की योजना आदि हैं।
* वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
समीक्षा बैठक और साइट विजिट के दौरान एसईसीएल का पूरा शीर्ष नेतृत्व मौजूद रहा, जिनमें एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (तकनीकी/संचालन), बिरंची दास, निदेशक (कार्मिक), डी. सुनील कुमार, निदेशक (वित्त), रमेश चंद्र महापात्र, निदेशक (तकनीकी/योजना एवं परियोजना) आदि उपस्थित रहे।
कोल इंडिया चेयरमैन का यह दौरा एसईसीएल के लिए सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि कुसमुंडा और गेवरा जैसी मेगा परियोजनाएं देश की बिजली आपूर्ति में रीढ़ की हड्डी की भूमिका निभाती हैं। अधिकारियों ने चेयरमैन को आश्वस्त किया कि वे आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उत्पादन और सुरक्षा के मानकों को नई ऊँचाइयों पर ले जाएंगे।
04 अप्रैल / मंथन मित्तल



