* सीबीएसई ने सभी काउंसलर के लिए असेसमेंट किया अनिवार्य
कोरबा (मंथन) सीबीएसई ने अब स्कूल काउंसलर्ल्स और वेलनेस टीचर्स के लिए ऑनलाइन रिमोट इनविजिलेशन एग्जामिनेशन अनिवार्य कर दिया है। देशभर के 10 हजार से अधिक वेलनेस टीचर और काउंसलर को यह परीक्षा देनी होगी। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने स्कूलों में छात्रों की मदद और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक पारदर्शी व सुदृढ़ बनाने की दिशा में यह निर्णय लिया है। परीक्षा के दौरान एआई से निगरानी की जाएगी।
यह परीक्षा किसी सामान्य केंद्र पर न होकर एआई बेस्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए होगी, जिससे अब काउंसलर्स की योग्यता और उनकी कार्यक्षमता का मूल्यांकन घर या स्कूल में बैठे ही अंतरराष्ट्रीय मानकों पर किया जा सकेगा। सोशल मीडिया और कॅरियर के दबाव के दौर में छात्रों पर बढ़ते मानसिक तनाव, परीक्षाओं के दबाव और व्यवहारिक चुनौतियों को देखते हुए बोर्ड का मानना है कि केवल डिग्री होना काफी नहीं है। बोर्ड अब सुनिश्चित करना चाहता है कि स्कूलों में तैनात काउंसलर्स छात्रों की सोशियो इमोशनल समस्याओं को समझने के लिए तकनीकी रूप से सक्षम हों। काउंसिलिंग की प्रक्रिया में नैतिक समझ और प्रेक्टिकल एप्रोच का स्तर बेहतर हो। मूल्यांकन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनी रहे और इसे राष्ट्रीय डिजिटल शिक्षा लक्ष्यों के साथ जोड़ा जा सके। सीबीएसई की इस क्षमता निर्माण और गुणवत्ता आश्वासन योजना के तहत देश भर के संबद्ध स्कूलों से लगभग 10 हजार से अधिक काउंसलर्स को इस प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है। यह पूरी प्रक्रिया चरणों में आयोजित की जाएगी। बता दें कि पहले बैच की शुरुआत फरवरी 2026 से ही की जा चुकी है।
29 मार्च / मंथन मित्तल



