कोरबा (मंथन) कोरबा जिले में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में इस वर्ष विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया है। विभिन्न स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के घोषित परीक्षा परिणामों में छात्र-छात्राओं ने उत्कृष्ट स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। परिणाम घोषित होते ही परिजनों, शिक्षकों और संस्थानों में हर्ष की लहर दौड़ गई।
* एमकॉम में उत्कृष्ट प्रदर्शन
मास्टर ऑफ कॉमर्स (एमकॉम) में अक्षय सजी ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया, वहीं शुभम अग्रवाल ने हम, बीबीए में गुनगुन अग्रवाल ने सातवां स्थान अर्जित कर संस्थान का गौरव बढ़ाया।
* बीलिब एंड आईएससी में चमके विद्यार्थी
बैचलर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस (बीएलआईएससी) में प्रतीक्षा धीर्सागर ने द्वितीय स्थान, शिल्पा एक्का ने तृतीय, निधि दुबे ने चतुर्थ, गौतम कुमार साहू ने छठवां, राहनी साहू ने अष्टम और साइनामी बरेठ ने नवम स्थान प्राप्त कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की।
* एमलिब एंड आईएससी में भी शानदार परिणाम
मास्टर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस (एमएलआईएससी) में भूमिका शर्मा ने द्वितीय, छाया साहू ने पंचम, हर्ष साहू ने छठवां, नेहा ने सातवां तथा रीता पासवान एवं रोशनी सिंह ने नवम स्थान प्राप्त कर अपनी मेधा का परिचय दिया।
* कला संकाय में भी प्रतिभाओं की दमदार उपस्थिति
मास्टर ऑफ आर्ट्स (हिंदी) में विजय जांगड़े ने चतुर्थ स्थान अर्जित किया। कला में स्नातकोत्तर (राजनीति विज्ञान) में भावना जायसवाल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कला में स्नातकोत्तर (अर्थशास्त्र) में निकिता शर्मा ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया। मास्टर ऑफ आर्ट्स (अंग्रेजी) में निकिता सिंह राजपूत ने सातवां स्थान प्राप्त कर उल्लेखनीय सफलता अर्जित की।
* शिक्षा संकाय में भी रही शानदार उपलब्धियां
मास्टर ऑफ आर्ट्स (शिक्षा) में स्नेहलता ने द्वितीय, सुजाता विश्वकर्मा ने तृतीय, आफरीन परवीन ने चतुर्थ, आरती ने पंचम, ज्योति ने छठवां तथा अंजलि सिंह ठाकुर ने सातवां स्थान प्राप्त किया।
* विज्ञान संकाय में भी सफलता की गूंज
मास्टर ऑफ साइंस (एमएससी) में रत्ना पाटले ने तृतीय स्थान प्राप्त कर विज्ञान संकाय का मान बढ़ाया।
इन उत्कृष्ट परिणामों से यह स्पष्ट है कि कोरबा के विद्यार्थी शिक्षा के प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं। शिक्षकों के मार्गदर्शन, अभिभावकों के सहयोग और विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत ने मिलकर यह सफलता सुनिश्चित की है।
01 मार्च / मंथन मित्तल



