कोरबा (मंथन) सार्वजनिक क्षेत्र के वृहद उपक्रम कोल् इंडिया की अनुसांगिक कंपनी एसईसीएल बिलासपुर के अधीन कोरबा-पश्चिम क्षेत्र में स्थापित एवं संचालित खुले मुहाने की गेवरा कोयला परियोजना अंतर्गत एसईसीएल की मेगा गेवरा परियोजना से प्रभावित ग्राम रलिया, मनगांव, लक्ष्मण नगर और नरईबोध के ग्रामीणों ने प्रशासन और प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जानकारी के अनुसार कलेक्टर, विधायक और एसईसीएल महाप्रबंधक को सौंपे गए एक ज्ञापन में ग्रामीणों ने अपनी गंभीर समस्याओं को साझा करते हुए चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 28 अप्रैल से वे गेवरा कार्यालय के समक्ष उग्र और अनिश्चितकालीन प्रदर्शन करेंगे।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने अपनी जमीन एसईसीएल को दी है किसी स्थानीय प्रतिनिधि को नहीं अतः प्रबंधन और प्रशासन सीधे विस्थापितों से संवाद करे ज्ञापन में मांग की गई है। अगले 7 दिनों के भीतर सभी लंबित मुआवजा राशि और रोजगार की प्रक्रिया पूर्ण की जाए धरना स्थल और आने-जाने वाले मार्ग पर पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए। यदि शासन-प्रशासन 7 दिनों में ठोस कार्यवाही नहीं करता तो 28 अप्रैल से होने वाले अनिश्चितकालीन आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की होगी।
26 अप्रैल / मंथन मित्तल



