कोरबा (मंथन) कोरबा जिला पुलिस ने अपनी संवेदनशीलता और परोपकार की मिसाल पेश करते हुए सर्वमंगला चौक पर ‘पुलिस प्याऊ’ की शुरुआत की हैं। यह न केवल राहगीरों के लिए शीतल जल का स्रोत बना है, बल्कि इसने समाज को सेवा और सरोकार का एक नया अध्याय भी पढ़ाया है।
कोरबा पुलिस ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए इस प्याऊ के साथ ही जानवरों के पानी पीने हेतु कोटना की व्यवस्था की है। पुलिस की पहल केवल प्यास बुझाने तक सीमित नहीं रही। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ की पावन थीम के साथ, कुसमुंडा टीआई मृत्युंजय पांडे की उपस्थिति में फलदार वृक्षों का वितरण किया गया। यह केवल पौधा रोपण नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित धरोहर को सहेजने का संकल्प भी है।
इस नेक कार्य के दौरान कोरबा पुलिस ने नागरिकों को जीवन की सुरक्षा का मंत्र भी दिया। फलदार वृक्षों के वितरण के साथ-साथ, पुलिस अधिकारियों ने आम जनों से यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने अपील की। उन्होंने समझाया कि जिस प्रकार वृक्षारोपण आने वाले कल को संवारता है, ठीक उसी प्रकार यातायात नियमों का पालन आज की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। यातायात सुरक्षा मे हेलमेट का उपयोग, सीट बेल्ट की अनिवार्यता और गति पर नियंत्रण को केवल कानूनी औपचारिकता न मानकर, इसे अपने और अपने परिवार के प्रति जिम्मेदारी बताया गया l
कोरबा जिला पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के मार्गदर्शन में नेतृत्व और नवाचार की अनूठी मिसाल देते हुए कोरबा पुलिस लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। यह मात्र कानून-व्यवस्था का दायित्व नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक गहरा सरोकार है। स्थानीय निवासियों ने कोरबा पुलिस के इस मानवीय भाव की सराहना की है। चौक पर उपस्थित आमजनों का कहना है कि भीषण तपती गर्मी में शीतल जल, भविष्य के लिए वृक्ष और सुरक्षित रहने की सीख ने साबित कर दिया है कि रक्षक, पालक भी होता है।
22 अप्रैल / मंथन मित्तल



