* ट्रांसपोर्टर को दी 2 साल कैद की सजा
* लगाया 16 लाख अर्थदण्ड
* निचली अदालत के दोषमुक्ति फैसले को पलटा विशेष न्यायालय ने
कोरबा (मंथन) एक विचाराधीन चेक बाउंस मामले में दोष सिद्धि हुई है। जानकारी के अनुसार पूर्व में 28 दिसंबर को न्यायालय प्रथम श्रेणी से दोषमुक्ति के निर्णय उपरांत व्यथित होकर की गई अपील पर फैसला आते ही कथित आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल करने की कार्यवाही की गई।
विचारण के दौरान अभियुक्त द्वारा अपने बचाव कथन के प्रतिपरीक्षण में स्वीकार किया गया कि उसके द्वारा चेक में परिवादी कंपनी का नाम लिखा गया था तथा हस्ताक्षर किये गये थे। स्वीकार किया गया कि चेक अनादरित होने के पश्चात परिवादी के अधिवक्ता द्वारा विधिक सूचना पत्र भेजा गया था जो उसे प्राप्त हुआ था।
अभियुक्त को पराक्रम्य अधिनियम की धारा 138 में 2 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 16 लाख रुपये अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया गया है। अर्थदण्ड के व्यतिक्रम में 2 वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
08 मार्च / मंथन मित्तल



