* ग्रामीणों ने दी थी बैठक के बहिष्कार की चेतावनी
कोरबा (मंथन) सार्वजनिक क्षेत्र के वृहद उपक्रम कोल् इंडिया की अनुसांगिक कंपनी एसईसीएल बिलासपुर के अधीन कोरबा-पश्चिम क्षेत्र में स्थापित एवं संचालित खुले मुहाने की गेवरा कोयला परियोजना अंतर्गत जमीन अधिग्रहण के बदले नौकरी देने खातेदारों की कट ऑफ पाइंट एसईसीएल नहीं बना पाई है। इसलिए ग्रामीण अधिग्रहित 4 ग्रामो की जमीन पर खनन कार्य शुरू करने डीआरआरसी की बुलाई बैठक का विरोध कर रहे थे। इस बैठक के बहिष्कार की चेतावनी भी दी थी।
अंतत: एसईसीएल गेवरा दीपका जीएम के आग्रह पर अपर कलेक्टर ने बैठक स्थगित कर दी है। ग्रामीणों ने बताया कि एसईसीएल गेवरा खदान विस्तार के लिए प्रबंधन ने ग्राम रलिया, भिलाई बाजार व मुड़ियानार की जमीन का अधिग्रहण किया है। इसी तरह दीपका खदान का विस्तार हरदीबाजार की अधिग्रहित जमीन पर किया जाएगा। 27 मार्च को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय पुनर्वास व पुर्नस्थापना समिति (डीआरआरसी) की बैठक होनी थी। वहीं बैठक अगले दिन 28 मार्च को एसईसीएल गेवरा के अधिग्रहित ग्रामो में खनन कार्य के लिए करनी थी। बैठक की तारीख तय होने के बाद से खदान प्रभावित ग्रामो का विरोध सामने आया। इसकी वजह नौकरी के लिए कट ऑफ पाइंट, मुआवजा राशि के निर्धारण की जानकारी साझा नहीं करना रहा। हरदीबाजार के ग्रामीण पुराने जमीन अर्जन के मामले का निपटारा किए बगैर इसके बाद की अधिग्रहित जमीन के लिए भी डीआरआरसी बैठक बुलाने का विरोध कर रहे थे।
29 मार्च / मंथन मित्तल



