कोरबा (मंथन) छत्तीसगढ़ सरकार की “तुंहर सरकार तुंहर द्वार” योजना के अंतर्गत परिवहन विभाग आम लोगों को घर पहुंच सेवा दे रहा है। इससे परिवहन विभाग में एजेंटों के चक्कर से लोगों को छुटकारा मिलेगा। सैकड़ों रुपए के शासकीय शुल्क में मिलने वाले सेवा के लिए हजारों रुपए चुकाने से भी लोग निजात पाएंगे।
प्रदेश सरकार की इस मंशा को आगे बढ़ाते हुए परिवहन विभाग द्वारा कुशल और समयबद्ध तरीके से स्मार्ट कार्ड आधारित ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) सीधे आवेदकों के घर के पते पर पहुंचाए जा रहे हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य लोगों को शासकीय दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति दिलाना और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना है। इस योजना के क्रियान्वयन से परिवहन प्रणाली में न केवल सुधार हो रहा है, बल्कि नियमों के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है। वाहन स्वामियों को अब आवश्यक दस्तावेजों के परीक्षण के बाद बिना किसी परेशानी के घर बैठे ही उनके महत्वपूर्ण दस्तावेज दिए जा रहे हैं। सड़क सुरक्षा के प्रति सजगता बढ़ाने और यातायात संकेतों के पालन को अनिवार्य बनाने की दिशा में यह सेवा एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो रही है।
03 अप्रैल / मंथन मित्तल



