कोरबा (मंथन) जिला अधिवक्ता संघ कोरबा द्वारा विभिन्न पदों के लिए प्रत्याशियों से मनमाने एवं अत्यधिक नामांकन शुल्क लिए जाने के संबंध में अधिवक्ता धनेश कुमार सिंह ने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता संघ का चुनाव लोकतांत्रिक मूल्यों एवं निष्पक्ष प्रतिनिधित्व की भावना से संचालित होना चाहिए न कि आर्थिक बोझ बनाकर योग्य प्रत्याशियों को चुनाव से वंचित करने का माध्यम।
उन्होंने बताया कि चुनाव वर्ष 2024-26 में अध्यक्ष पद हेतु 10,000, सचिव पद हेतु 5,000 तथा अन्य पदों के लिए 3,000 एवं 1,000 रुपए तक नामांकन शुल्क निर्धारित किया गया था, जो अत्यधिक एवं अनुचित है। इस प्रकार की शुल्क संरचना से सामान्य एवं योग्य अधिवक्ताओं की भागीदारी बाधित होती है। धनेश कुमार सिंह ने तुलना करते हुए कहा कि देश के सबसे बड़े लोकतांत्रिक चुनावों में भी लोकसभा के सामान्य वर्ग के प्रत्याशी के लिए मात्र 25,000 तथा विधानसभा चुनाव के लिए 10,000 रुपए की जमानत राशि निर्धारित है। वहीं प्रेस क्लब जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्यक्ष पद हेतु नामांकन शुल्क मात्र 1,000 रुपए रखा जाता है।
उन्होंने कहा कि जब राष्ट्रीय एवं अन्य प्रतिष्ठित संस्थाएं इतने संतुलित शुल्क में चुनाव संपन्न करा सकती हैं, तो जिला अधिवक्ता संघ द्वारा अत्यधिक शुल्क लेना कहीं न कहीं चुनाव की मूल भावना के विपरीत है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने राज्य अधिवक्ता परिषद को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने एवं उचित कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने जिला अधिवक्ता संघ से मांग की है कि नामांकन शुल्क को यथाशीघ्र युक्तिसंगत एवं न्यायसंगत स्तर पर लाया जाए, ताकि अधिक से अधिक अधिवक्ता चुनाव प्रक्रिया में भाग लेकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ कर सकें।
25 मार्च / मंथन मित्तल



