कोरबा (मंथन) अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट ने छेड़छाड़ के एक मामले में 57 वर्ष के अभियुक्त को दोषी पाए जाने पर वर्ष सश्रम कारावास की सज़ा व 500 ₹ अर्थदंड की सजा न्यायालय ने सुनाई है।
अतिरिक्त लोक अभियोजक मोहन सोनी ने आरोप लगाते हुए बताया कि पीड़िता अपने घर के पास स्थित बाड़ी में घर की साफ-सफाई के बाद निकला कचरा फेंकने गई थी, जहाँ नग्न हालत में मौजूद आरोपी ने सूनेपन व अकेलेपन का फायदा उठाते हुए पहले तो पीड़ित को पीछे से पकड़ लिया और अश्लील हरकत करने लगा। पीड़िता किसी तरह अपने को छुड़ाकर घर पहुंची और पति को सारी घटना बताई। पति के साथ उरगा थाना में शिकायत दर्ज कराई जिस पर पुलिस द्वारा बी.एन.एस. की धारा 74, तथा 75(2) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना पूर्ण की। प्रकरण को विचारण हेतु फास्ट ट्रक कोर्ट में प्रस्तुत किया, जहाँ अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक मोहन सोनी ने ठोस दलीलें देकर मजबूती से अपना पक्ष रखा, जिस पर अपर सत्र न्यायाधीश सीमा प्रताप चंद्रा द्वारा कथित आरोपी को दोषी करार देकर दण्डित किया है। उन्होंने साफ संदेश दिया है कि महिलाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नही किया जाएगा और अपराधियों को बख्शा नही जाएगा।
17 फरवरी / मंथन मित्तल



