कोरबा (मंथन) एक युवती घर में बिना किसी को बताए कहीं चली गई। उसकी खोजबीन के बाद परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज करा दी। मामले में उस वक्त नया मोड़ आया, जब युवती के लापता होने में दो बच्चों के पिता की भूमिका सामने आई। वे कुछ करते, इससे पहले जहर सेवन के कारण युवती की मृत्यु की खबर आई। परिजन मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे तो युवक को देख उनका गुस्सा फूट पड़ा। वे युवक के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग पर अड़ गए। पुलिस ने पीड़ित परिवार को समझाईश देते हुए करीब 36 घंटे बाद वैधानिक कार्रवाई पूरी की। पुलिस ने आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में कथित आरोपी को गिरफ्तार किया है।
वे थाना में गुमशुदगी दर्ज कराते हुए पतासाजी में जुटे रहे। इस दौरान उनके हाथ एक मोबाइल नंबर लगा, जिससे परिजनों को घुड़देवा में रहने वाले दो बच्चो के पिता पर बहला फुसलाकर ले जाने का संदेह हो गया। उन्होंने युवक के परिजनों से पूछताछ की तो उनका शक यकीन में बदल गया। दरअसल वह भी दो-तीन दिनों से गायब था। युवती के परिजन उसकी खोजबीन में लगे ही थे। इसी बीच 4 अप्रैल को युवक की मां ने युवती के परिजनों को कॉल कर उसके मेडिकल कॉलेज अस्पताल में होने की जानकारी दी।
परिजन अस्पताल पहुंचे, तब तक जहर सेवन से गंभीर युवती की मृत्यु हो चुकी थी। परिजन पुलिस से युवक को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग करने लगे। पुलिस आक्रोशित परिजनों को नियमों से अवगत कराते हुए समझाइश देने का प्रयास करती रही, लेकिन बात नही बनी।
आखिरकार बांकीमोंगरा थाना प्रभारी चमन सिंहा, एएसआई नंदलाल टंडन व सिविल लाइन थाना प्रभारी नवीन पटेल मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझाईश देते हुए निष्पक्ष जांच और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर वैधानिक कार्रवाई पूरी हुई। इसके साथ ही पुलिस ने आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का आरोप लगा युवक को गिरफ्तार कर लिया। उसे वैधानिक कार्रवाई उपरांत कोर्ट पेश किया गया है।
08 अप्रैल / मंथन मित्तल



