Close Menu
Manthan News
    What's Hot

    (कोरबा) संजीवनी कर्मियों के कार्यस्थल में फेरबदल से आक्रोशित कर्मियों ने मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी से की शिकायत

    (कोरबा) भू-विस्थापितों के हक में एसईसीएल नीति में बदलाव की मांग

    कोरबा) छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त स्लीपर कोच की सुविधा

    Facebook X (Twitter) Instagram
    Manthan News
    Facebook X (Twitter) Instagram
    • होम
    • देश – विदेश
    • छत्तीसगढ़
      • कोरबा
    • राजनीति
    • हेल्थ
    • मनोरंजन
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • खेल
    Manthan News
    You are at:Home»छत्तीसगढ़»Bilaspur: रिश्वतखोरी के मामले में हेड कांस्टेबल को हाईकोर्ट से राहत, 14 साल पुरानी सजा हुई रद्द
    छत्तीसगढ़

    Bilaspur: रिश्वतखोरी के मामले में हेड कांस्टेबल को हाईकोर्ट से राहत, 14 साल पुरानी सजा हुई रद्द

    By Vimal Mittal01/22/2026
    Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
    रिश्वतखोरी
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Copy Link

    Bilaspur: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रिश्वतखोरी के एक पुराने मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए हेड कांस्टेबल जितेंद्र साहू को दोषमुक्त कर दिया है. कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि अभियोजन पक्ष रिश्वत की मांग को संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह विफल रहा है. इसी आधार पर वर्ष 2012 में विशेष न्यायालय द्वारा सुनाई गई सजा को निरस्त कर दिया गया. यह फैसला न्यायमूर्ति रजनी दुबे की एकलपीठ ने सुनाया है.

    क्या था पूरा मामला?

    ये पूरा मामला 2005 का है. शिकायतकर्ता माधव मंडल फरसगांव स्थित कीर्ति ऑटोमोबाइल नामक दुकान का संचालक था. आरोप था कि एक ग्राहक से विवाद के बाद उसके खिलाफ अत्याचार अधिनियम के तहत केस दर्ज कराने की धमकी देकर तत्कालीन हेड कांस्टेबल जितेंद्र साहू ने 1000 रुपये रिश्वत की मांग की. शिकायत के आधार पर एंटी करप्शन ब्यूरो जगदलपुर ने ट्रैप की कार्रवाई की और आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने का दावा किया गया. इसके बाद विशेष न्यायालय ने वर्ष 2012 में जितेंद्र साहू को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 एवं 13 के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी.

    हाईकोर्ट ने क्यों पलटा फैसला?

    हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों की विस्तार से जांच के बाद कई गंभीर खामियां पाईं। जैसे शिकायतकर्ता माधव मंडल की ट्रायल के दौरान मृत्यु हो गई, जिससे वह कोर्ट में बयान नहीं दे सका. रिश्वत की रकम आरोपी के पास से नहीं, बल्कि फर्श से बरामद की गई. किसी भी गवाह द्वारा रिश्वत की स्पष्ट मांग को प्रमाणित नहीं किया जा सका. ऑडियो रिकॉर्डिंग या वॉयस सैंपल जैसी कोई तकनीकी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं की गई. गवाहों के बयानों में गंभीर विरोधाभास पाए गए. कोर्ट ने माना कि केवल रकम की बरामदगी से अपराध सिद्ध नहीं होता, जब तक रिश्वत की मांग और स्वेच्छा से स्वीकार करना प्रमाणित न हो.

    सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का दिया हवाला

    हाईकोर्ट ने अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट के कई अहम निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि, भ्रष्टाचार के मामलों में रिश्वत की मांग साबित होना अनिवार्य है. केवल रकम की बरामदगी पर्याप्त नहीं है. कोर्ट ने पी. सोमाराजू बनाम आंध्र प्रदेश राज्य और राजेंद्र कुमार यादव बनाम राज्य मामलों का उल्लेख करते हुए ट्रायल कोर्ट के निर्णय को कानूनी दृष्टि से त्रुटिपूर्ण बताया. इन सभी तथ्यों के आधार पर हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का दोषसिद्धि और सजा का आदेश रद्द कर दिया. हेड कांस्टेबल जितेंद्र साहू को सभी आरोपों से बरी कर दिया है.

    WhatsApp पर शेयर करें
    Vimal Mittal

    Owner & Editor

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram Copy Link
    Previous ArticleMahtari Vandan Yojana: महतारियों के लिए जरूरी खबर, 20 हजार महिलाएं पते पर नहीं, मृत्यु के कारण हटे 82 हजार नाम
    Next Article CG News: मिड-डे मील पर हाईकोर्ट की सख्ती, व्यवस्था की बदहाली पर जताई नाराजगी, 3 शिक्षक निलंबित

    Related Posts

    (कोरबा) संजीवनी कर्मियों के कार्यस्थल में फेरबदल से आक्रोशित कर्मियों ने मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी से की शिकायत

    04/03/2026

    (कोरबा) भू-विस्थापितों के हक में एसईसीएल नीति में बदलाव की मांग

    04/03/2026

    कोरबा) छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त स्लीपर कोच की सुविधा

    04/03/2026
    Top Posts

    (कोरबा) हनुमंत कथा में महिला से चेन स्नेचिंग-आधा दर्जन लोग हुए शिकार

    03/30/2026132 Views

    (कोरबा) एंबुलेंस ने बाइक सवार भाई-बहन को मारी टक्कर

    03/23/202646 Views

    (कोरबा) इलेक्ट्रिक स्कूटी मामले में दोष सिद्ध होने पर उपभोक्ता आयोग ने दिया का सख्त आदेश

    02/21/202638 Views

    (कोरबा) ट्रांसपोर्ट नगर से पॉम मॉल तक जिला पुलिस-यातायात पुलिस ने की संयुक्त पेट्रोलिंग

    02/10/202632 Views
    Don't Miss
    कोरबा 04/03/2026

    (कोरबा) संजीवनी कर्मियों के कार्यस्थल में फेरबदल से आक्रोशित कर्मियों ने मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी से की शिकायत

    कोरबा (मंथन) कोरबा जिले को एक तरफ नई संजीवनी एक्सप्रेस की सौगात मिली है, दूसरी…

    (कोरबा) भू-विस्थापितों के हक में एसईसीएल नीति में बदलाव की मांग

    कोरबा) छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त स्लीपर कोच की सुविधा

    (कोरबा) अधिग्रहण के बरसों बाद भी मुआवजा नहीं मिलने का लगाया आरोप-एसईसीएल गेवरा प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी

    Stay In Touch
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo

    Vinod Mittal
    Owner and Editor

    Address:
    Vinayak Sadan, A-2, T.P. Nagar Road, Korba, Distt- Korba, Chhattisgarh - 495677

    Mobile: 
    +91 98271-05555

    Email: 
    manthannewskorba@gmail.com

    Follow for More
    • Facebook
    • Twitter
    • Instagram
    • WhatsApp
    © 2026 Manthan News Korba. Designed by Nimble Technology.
    • Home
    • Privacy Policy
    • About Us
    • Contact Us
    • Disclaimer
    • Terms and Conditions

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.