कोरबा (मंथन) जानकारी के अनुसार ग्राम पचरा में एक मृतक को लोगों ने सुबह मुक्तिधाम में उसका अंतिम संस्कार किया, लेकिन बताया जा रहा हैं की यहां से उठी चिंगारी ने नजदीक के एक मकान और भीतर रखे सामान को स्वाहा कर दिया। घटनाक्रम के दौरान वहां मौजूद लोगों ने सतर्कता दिखाते हुए खुद को बचा लिया।
जानकारी के अनुसार कोरबा जिला मुख्यालय से 60 किलोमीटर दूर ग्राम पचरा में सुबह यह घटना घटित हुई। बताया जा रहा हैं कि ग्राम पचरा में निवासरत एक ग्रामीण का निधन हो गया। ग्रामीणजनों के सहयोग से मृतक के पार्थिव शरीर को स्थानीय मुक्तिधाम ले जाया गया जहां पर उसका अंतिम संस्कार किया गया। उस समय हल्की हवा चल रही थी। किसी को भी ऐसा अंदाजा नहीं था कि यहां से उठी हल्की सी चिंगारी बड़ी घटना का कारण बन सकती है। जानकारी के अनुसार चिंगारी ने एक स्थानीय ग्रामीण के घर को चपेट में ले कुछ ही देर में उसे जला कर स्वाहा कर दिया। आग के प्रभाव से भीतर रखे सभी प्रकार के सामान भी जलकर राख हो गए। इनमें खाने-पीने की सामाग्री से लेकर कपड़े, बर्तन और अन्य जरूरत की चीजें शामिल थीं। यह सब इतना जल्द हुआ कि अग्नि पर नियंत्रण के लिए न तो किसी का दिमाग चला और न समय मिला। ग्राम में यह अपने तरह की पहली घटना है। जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया।
जानकारी के अनुसार घटना के समय घर में ग्रामीण अपने दो बच्चों सहित मौजूद था, जबकि उनकी पत्नी नहाने के लिए बाहर गई हुई थीं। अचानक आग लगने की सूचना मिलते ही ग्रामीण और उनके दोनों बच्चों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत घर से बाहर भागकर अपनी जान बचाई। सरपंच पति शिवनंदन कुजूर ने कहा कि पीडि़त परिवार को राहत दिलाने के लिए जल्द कोशिश करेंगे।
एसडीएम पोड़ी-उपरोड़ा मनोज बंजारे ने जानकारी देते हुए बताया की प्राकृतिक आपदा में संपत्ति के नुकसान पर सहायता का प्रावधान है। जबकि आगजनी की घटनाओं में सामान्य तौर पर सामानों को पहुंचने वाले नुकसान को लेकर सहायता दी जाती है। प्रभावित पक्ष आरबीसी 6-4 के अंतर्गत पटवारी या तहसीलदार को आवेदन कर सकता है।
27 अप्रैल / मंथन मित्तल



