कोरबा (मंथन) छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन आगामी 1 मई मजदूर दिवस से 7 मई तक पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर जनप्रतिनिधि संपर्क अभियान चलाने जा रही है। इसके तहत सभी 90 विधायकों, 11 लोकसभा सांसदों और 5 राज्यसभा सांसदों के द्वार पर दस्तक देकर उन्हें अपनी समस्याओं का पुलिंदा सौंपा जाएगा।
यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष ने बताया कि विद्युत कंपनियों के कर्मचारी लंबे समय से अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के नीति-निर्धारकों को बिजली कर्मियों की ज्वलंत समस्याओं से अवगत कराना है। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यदि जनप्रतिनिधियों के माध्यम से शासन ने सकारात्मक रुख नहीं दिखाया, तो आने वाले समय में प्रदेशव्यापी बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिससे बिजली आपूर्ति जैसी आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।
प्रांतीय अध्यक्ष ने सभी पदाधिकारियों और सदस्यों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय होकर इस अभियान को सफल बनाएं। यूनियन का कहना है कि यह अभियान केवल ज्ञापन सौंपने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकार की मंशा भांपने का एक जरिया है। जनप्रतिनिधियों से अपील की गई है कि वे इन मांगों को प्राथमिकता के विधानसभा और संसद के पटल पर उठाएं ताकि विभाग के अंतिम व्यक्ति को न्याय मिल सके।
27 अप्रैल / मंथन मित्तल



